तीन ऋण लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
तीन ऋण लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

रविवार, 25 जून 2023

दो पक्ष , तीन ऋण, चार युग

     📜😇  दो पक्ष-


कृष्ण पक्ष , 

शुक्ल पक्ष !


         📜😇  तीन ऋण -


देव ऋण , 

पितृ ऋण , 

ऋषि ऋण !


         📜😇   चार युग -


सतयुग , 

त्रेतायुग ,

द्वापरयुग , 

कलियुग !


         📜😇  चार धाम -


द्वारिका , 

बद्रीनाथ ,

जगन्नाथ पुरी , 

रामेश्वरम धाम !


         📜😇   चारपीठ -


शारदा पीठ ( द्वारिका )

ज्योतिष पीठ ( जोशीमठ बद्रिधाम ) 

गोवर्धन पीठ ( जगन्नाथपुरी ) , 

शृंगेरीपीठ !


         📜😇 चार वेद-


ऋग्वेद , 

अथर्वेद , 

यजुर्वेद , 

सामवेद !


         📜😇  चार आश्रम -


ब्रह्मचर्य , 

गृहस्थ , 

वानप्रस्थ , 

संन्यास !


         📜😇 चार अंतःकरण -


मन , 

बुद्धि , 

चित्त , 

अहंकार !


         📜😇  पञ्च गव्य -


गाय का घी , 

दूध , 

दही ,

गोमूत्र , 

गोबर !


         📜


         📜😇 पंच तत्त्व -


पृथ्वी ,

जल , 

अग्नि , 

वायु , 

आकाश !


         📜😇  छह दर्शन -


वैशेषिक , 

न्याय , 

सांख्य ,

योग , 

पूर्व मिसांसा , 

दक्षिण मिसांसा !


         📜😇  सप्त ऋषि -


विश्वामित्र ,

जमदाग्नि ,

भरद्वाज , 

गौतम , 

अत्री , 

वशिष्ठ और कश्यप! 


         📜😇  सप्त पुरी -


अयोध्या पुरी ,

मथुरा पुरी , 

माया पुरी ( हरिद्वार ) , 

काशी ,

कांची 

( शिन कांची - विष्णु कांची ) , 

अवंतिका और 

द्वारिका पुरी !


         📜😊  आठ योग - 


यम , 

नियम , 

आसन ,

प्राणायाम , 

प्रत्याहार , 

धारणा , 

ध्यान एवं 

समािध !


         📜


         📜


         📜😇   दस दिशाएं -


पूर्व , 

पश्चिम , 

उत्तर , 

दक्षिण ,

ईशान , 

नैऋत्य , 

वायव्य , 

अग्नि 

आकाश एवं 

पाताल 


         📜😇 बारह मास - 


चैत्र , 

वैशाख , 

ज्येष्ठ ,

अषाढ , 

श्रावण , 

भाद्रपद , 

अश्विन , 

कार्तिक ,

मार्गशीर्ष , 

पौष , 

माघ , 

फागुन !


         📜


         📜


         📜😇 पंद्रह तिथियाँ - 


प्रतिपदा ,

द्वितीय ,

तृतीय ,

चतुर्थी , 

पंचमी , 

षष्ठी , 

सप्तमी , 

अष्टमी , 

नवमी ,

दशमी , 

एकादशी , 

द्वादशी , 

त्रयोदशी , 

चतुर्दशी , 

पूर्णिमा , 

अमावास्या !


         📜😇 स्मृतियां - 


मनु , 

विष्णु , 

अत्री , 

हारीत ,

याज्ञवल्क्य ,

उशना , 

अंगीरा , 

यम , 

आपस्तम्ब , 

सर्वत ,

कात्यायन , 

ब्रहस्पति , 

पराशर , 

व्यास , 

शांख्य ,

लिखित , 

दक्ष , 

शातातप , 

वशिष्ठ !


********


सबको हमारी सनातन भारतीय संस्कृति का ज्ञान अवश्य होना चाहिये ।


क्या आप अपनी अँगुलियों के नाम जानते है ।

जवाब:-

अपने हाथ की छोटी उँगली से शुरू करें :-


(1)जल

(2) पृथ्वी

(3)आकाश

(4)वायू

(5) अग्नि


ये वो बातें हैं जो बहुत कम लोगों को मालूम होंगी ।


5 जगह हँसना करोड़ो पाप के बराबर है

1. श्मशान में

2. अर्थी के पीछे

3. शौक में

4. मन्दिर में

5. कथा में


अकेले हो?

परमात्मा को याद करो ।


परेशान हो?

ग्रँथ पढ़ो ।


उदास हो?

कथाए पढो ।


टेन्शन मे हो?

भगवत गीता पढो ।


क्या आप जानते हैं ?


व्रत,उपवास करने से तेज़ बढ़ता है,सर दर्द और बाल गिरने से बचाव होता है ।

आरती----के दौरान ताली बजाने से

दिल मजबूत होता है ।

fly